बड़ा अजीब है इस बार का, Mother's Day का त्योहार
मैं फंसा हूँ बीच में, जैसे फंसा कोई बीच मंझधार।
एक तरफ वो ममता जिसने पाल पोस कर बड़ा किया
दूजी तरफ Home Minister जिसने सम्बल दे जीवन खड़ा किया।
सुबह - सुबह जब मैंने, Status पर फोटो डाली
माँ को देख बीबी जी की आँखें, हो गयी लाल - पीली।
बोली - Facebook पर तो सारा प्यार, माँ पर लुटा रहे हो
कल जो साड़ी मैंने मांगी थी, उसके बहाने बना रहे हो।
माँ बेचारी कोने में बैठी, धीरे से मुस्काई
बोली - बहू तू चिंता मत कर, इसकी सामत है आई।
ये फोटो - वोटो तो बस दिखावा है,
हफ्ते भर से इसकी जेब का डिब्बा खाली - खोखला है।
मैं बेचारा बन गया गधा, ना इधर का ना उधर का
एक तरफ कर्ज़ जनम का, एक तरफ है खौफ घर का।
माँ कहती - बेटा मेरे घुटनों में दर्द भारी है
पत्नी भी पीछे से टोकती - सुनिए, Shopping की हमारी तैयारी है।
Mother's Day के Gift पर, छिड़ा है भयंकर संग्राम
माँ को चाहिए सोने का भगवान्, पत्नी जी को Diamond का दाम।
मैं सोंचता कि किसी विज्ञापन सा बन जाता
एक ही तोहफे से, दोनों को खुश कर पाता।
तो हे पुत्रों! आज के दिन, बस इतना ही करना
माँ के पैर छूना और पत्नी के तानों से डरना।
क्योंकि,
ये Mother's Day तो साल में बस एक बार आता है
पर Mother-In-Law और Wife का गठबंधन उम्र भर सताता है।
- अमितेश
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