अब तो बस Data ही असली ज़हर है
पेट खाली है, पर Mobile में Reels का मेला है,
इंसान भीड़ में खड़ा हो कर भी, Internet पर अकेला है।
Smart City तो बन गई, पर नाली अभी भी जाम है
WhatsApp University में सुबह - शाम काम है
सत्य वहां मिलता नहीं, बस Narrative बिकता है
जो सच बोले दे ज़रा, वो Gen X सा दिखता है।
नेताजी अब संसद में काम, Insta पे ज्यादा आते हैं
मुद्दों को छोड़, अब वो नए नए Filter लगाते हैं
गरीब का बच्चा अब school में कम जाता है
समय बचा वो Influencer बन ठुमकना चाहता है।
इंसान की अक्ल पर अब AI का पहरा है
मशीन तो हंस रही है, पर दर्द हमारा गहरा है
Deep Fake के दौर में, चेहरा भी उधार है,
झूठ के बाज़ार में, सच का हो रहा बहिष्कार है।
धर्म की बहस है, Degree का अकाल है
बधाई हो दोस्तों, अब यही अमृत काल है
Credit Card की किस्तों में ज़िंदगी कटी है,
भारत की आत्मा अब Like में बटी है।
- अमितेश
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें